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जवान बेटी

  • Writer: Umesh Dobhal
    Umesh Dobhal
  • Sep 27, 2022
  • 1 min read

कहां-कहां जांऊ

और किस-किस से कहूं

बेटी जवान हो गई है

उसके लिए वर चाहिए


एक अच्छा सा वर

उसका बचपन मेरी गोदी में बीता है

किलकारियों से गूंजा है घर

उसके भोलेपन पर मेरा

तन-मन हरषा है

देखते-देखते

अब वह जवान हो गई है


बेटियों के बारे में

अखबार में आये खौफनाक

समाचारों से मन डरता है


बेटी का जवान होना

मेरे लिए ज्यादा संगीन है

बनिस्पत देश के संकट में होने के


बेटी का जवान होना

एक अभिशाप हो गया है

मेरी पहली व आखिरी चिन्ता

बेटी की जवानी है


– उमेश डोभाल

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